"बहारें हों,बहारों से रहा है वास्ता अपना,
इन्हीं से खोज लेंगे हम,चमन से रास्ता अपना।
हमारी है दुआ दिल से,साल सबको मुबारक हो,
मोहब्बत का,शराफ़त का,हक़ीक़त ख़ाब सा अपना।"
आपका,
अशोक "मुसाफ़िर"
इन्हीं से खोज लेंगे हम,चमन से रास्ता अपना।
हमारी है दुआ दिल से,साल सबको मुबारक हो,
मोहब्बत का,शराफ़त का,हक़ीक़त ख़ाब सा अपना।"
आपका,
अशोक "मुसाफ़िर"
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